इंद्र कुमार गुजराल – भारत के 12वें प्रधानमंत्री
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इंद्र कुमार गुजराल – भारत के 12वें प्रधानमंत्री
प्रारंभिक जीवन
इंद्र कुमार गुजराल का जन्म 4 दिसंबर 1919 को झेलम (तत्कालीन ब्रिटिश भारत, अब पाकिस्तान) में हुआ था। उनका परिवार सामाजिक और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा हुआ था। उनके माता-पिता आज़ादी के आंदोलन में सक्रिय कार्यकर्ता थे। गुजराल ने लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज और फॉर्मन क्रिश्चियन कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की।
युवावस्था में ही उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलनों में जेल भी गए।
राजनीतिक करियर की शुरुआत
स्वतंत्रता के बाद गुजराल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़ गए। 1970 के दशक में वे भारतीय संसद में आए और इंदिरा गांधी की सरकार में विभिन्न मंत्रालयों का कार्यभार संभाला, जिसमें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और विदेश मंत्रालय शामिल था।
1975-77 के आपातकाल के दौरान, सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहते हुए उन्होंने सेंसरशिप के कई आदेश लागू किए, जिसके कारण उनकी आलोचना भी हुई।
विदेश नीति में योगदान
गुजराल का सबसे बड़ा योगदान उनकी विदेश नीति को लेकर माना जाता है, जिसे "गुजराल सिद्धांत" (Gujral Doctrine) के नाम से जाना जाता है। इस सिद्धांत के अनुसार भारत अपने पड़ोसी देशों — खासकर नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव — के साथ संबंधों में एकतरफा उदार नीति अपनाएगा, बिना उनसे किसी तरह की शर्त लगाए।
इस नीति का उद्देश्य था कि भारत अपने छोटे पड़ोसी देशों के साथ भरोसे और सहयोग का माहौल बनाए।
प्रधानमंत्री पद (1997-1998)
21 अप्रैल 1997 को, एच. डी. देवेगौड़ा के इस्तीफे के बाद, इंद्र कुमार गुजराल संयुक्त मोर्चा सरकार के समर्थन से भारत के 12वें प्रधानमंत्री बने।
उनका कार्यकाल लगभग 11 महीने चला (21 अप्रैल 1997 से 19 मार्च 1998 तक)।
इस दौरान उन्होंने भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मज़बूत किया और दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (SAARC) में भारत की सक्रिय भूमिका को बढ़ाया।
कार्यकाल की चुनौतियां
- उनकी सरकार को कांग्रेस के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ा, जो बाद में वापस ले लिया गया।
- बिहार में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई को लेकर मतभेद बढ़े।
- राजनीतिक अस्थिरता के कारण समय से पहले चुनाव कराने पड़े।
अंतिम जीवन और निधन
प्रधानमंत्री पद छोड़ने के बाद गुजराल राजनीति में सक्रिय तो रहे, लेकिन 1999 के बाद उन्होंने चुनावी राजनीति से दूरी बना ली।
30 नवंबर 2012 को उनका निधन हुआ।
वे अपनी सरलता, साफ-सुथरी छवि और कूटनीतिक कुशलता के लिए हमेशा याद किए जाते हैं।
मुख्य तथ्य एक नज़र में
- पूरा नाम: इंद्र कुमार गुजराल
- जन्म: 4 दिसंबर 1919, झेलम, पंजाब (ब्रिटिश भारत)
- मृत्यु: 30 नवंबर 2012, नई दिल्ली
- प्रधानमंत्री कार्यकाल: 21 अप्रैल 1997 – 19 मार्च 1998
- प्रसिद्ध योगदान: "गुजराल सिद्धांत" (Gujral Doctrine)
- राजनीतिक दल: जनता दल, कांग्रेस (पूर्व में)
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