मोरारजी देसाई – भारत के 4वें प्रधानमंत्री
Digital jindagi Naveen ke sath
मोरारजी देसाई – भारत के 4वें प्रधानमंत्री
प्रारंभिक जीवन
मोरारजी देसाई का जन्म 29 फरवरी 1896 को भदेली, गुजरात के बुलसार जिले में हुआ था। वे एक साधारण परिवार से थे। उनके पिता एक स्कूल शिक्षक थे।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट्रल कॉलेज, बड़ौदा से प्राप्त की और बाद में सरकारी सेवा में लग गए।
स्वतंत्रता संग्राम में भागीदारी
ब्रिटिश शासन में काम करते हुए, मोरारजी देसाई महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित हुए और सरकारी नौकरी छोड़ दी।
उन्होंने नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भाग लिया और कई बार जेल गए।
उनकी सख्त अनुशासनप्रिय और नैतिक जीवनशैली के कारण वे राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में सम्मानित माने जाते थे।
राजनीतिक करियर की शुरुआत
आजादी के बाद मोरारजी देसाई को बॉम्बे प्रांत का गृह मंत्री बनाया गया।
1952 में वे बॉम्बे के मुख्यमंत्री बने।
इसके बाद वे केंद्र सरकार में वित्त मंत्री और उप प्रधानमंत्री जैसे पदों पर रहे।
प्रधानमंत्री पद तक का सफर
1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई आपातकाल (Emergency) का मोरारजी देसाई ने जोरदार विरोध किया।
आपातकाल के बाद 1977 के आम चुनाव में जनता पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की और मोरारजी देसाई भारत के 4वें प्रधानमंत्री बने।
वे स्वतंत्र भारत के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे।
प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल (1977 – 1979)
मोरारजी देसाई के कार्यकाल में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए:
- आपातकाल के दौरान लागू किए गए कई कड़े कानून रद्द किए गए।
- प्रेस की स्वतंत्रता बहाल की गई।
- भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए शाह आयोग का गठन हुआ।
- पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने और परमाणु हथियारों को लेकर संयमित नीति अपनाई।
लेकिन जनता पार्टी के भीतर आपसी मतभेद और टूट-फूट के कारण उनकी सरकार केवल दो साल ही चल सकी और 1979 में वे प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
निजी जीवन और व्यक्तित्व
मोरारजी देसाई का जीवन अनुशासन और सादगी का प्रतीक था।
- वे शराब, सिगरेट और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहते थे।
- शाकाहारी और योग प्रेमी थे।
- आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा में विश्वास रखते थे।
सम्मान और निधन
- मोरारजी देसाई को भारत रत्न (1991) और निशान-ए-पाकिस्तान (पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान) दोनों से सम्मानित किया गया — ऐसा सम्मान पाने वाले वे एकमात्र भारतीय हैं।
- 10 अप्रैल 1995 को उनका निधन मुंबई में हुआ, उस समय उनकी उम्र 99 वर्ष थी।
मुख्य तथ्य एक नज़र में
- पूरा नाम: मोरारजी रांचोदजी देसाई
- जन्म: 29 फरवरी 1896, भदेली, गुजरात
- मृत्यु: 10 अप्रैल 1995, मुंबई
- प्रधानमंत्री कार्यकाल: 24 मार्च 1977 – 28 जुलाई 1979
- राजनीतिक दल: जनता पार्टी (पूर्व में कांग्रेस)
- सम्मान: भारत रत्न (1991), निशान-ए- पाकिस्तान
Comments
Post a Comment